akhilesh-mulayam

नई दिल्ली: अखिलेश यादव ने पिता मुलायम को हराकर समाजवादी पार्टी और साइकिल चुनाव चिन्ह पर कब्जा कर लिया है. चुनाव आयोग ने अभी यह फैसला सुनाया है. उत्तर प्रदेश में पहले चरण की चुनावी प्रक्रिया के तहत नामांकन दाखिल करने में काफी कम समय बचा है ऐसे में यह फैसला अखिलेश यादव के लिए बेहद राहत की खबर है. यह फैसला मुलायम सिंह यादव के लिए बड़ा झटका है. राज्य में सात चरणों में मतदान होंगे. मतदान 11 फरवरी से शुरू होगा.

यूपी में सत्ताधारी समाजवादी पार्टी में चुनाव चिह्न विवाद पर चुनाव आयोग आज अंतरिम आदेश पारित कर दिया है. अखिलेश यादव को पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह दोनों मिल गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी की अगुवाई में आयोग ने शुक्रवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनी थीं और अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था. आयोग आज आदेश पारित कर दिया है.

रामगोपाल यादव ने कहा, ”मैं चुनाव आयोग को बधाई देना चाहूंगा. आयोग ने बहुत सही और न्यायसंगत फैसला दिया है. देश में जहां भी समाजवादी पार्टी है सभी अखिलेश के पक्ष में हैं. इससे साफ हो गया है कि अखिलेश एक बार फिर सीएम बनेंगे. जब तक चुनाव हैं तब तक मुलायम सिंह के बारे में कुछ नहीं बोलूंगा. हमारे बीच फूट थी इसीलिए चुनाव आयोग में दो गुट बैठे थे. नेता जी को इस वजह से कुछ समझ नहीं आया क्योंकि कुछ ऐसे लोग उनके साथ हैं जो पार्टी को बर्बाद करना चाहते हैं. मेरी मुख्यमंत्री से बात हुई है, वे बहुत खुश हैं.” कांग्रेस के साथ गठबंधन पर रामगोपाल यादव ने कहा, ”उम्मीद है.”

चुनाव आयोग ने 9 तारीख तक दोनों पक्ष से हलफनामे के जरिए ये बताने को कहा था कि किस पक्ष के पास कितने विधायकों का समर्थन है ? दोनों पक्षों के इन्हीं हलफनामों का अध्ययन करने के बाद चुनाव आयोग ने 50%+1 के आधार पर अखिलेश को पार्टी को साइकिल निशान दिया. अखिलेश यादव को इस बात की जानकारी दे दी गई है.

Advertisements