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लखनऊ: यूपी का सियासी दंगल जारी है. सियासत के इस अखाड़े में बुधवार 15 फरवरी को दूसरे चरण का मतदान संपन्न हो गया जबकि 19 फरवरी को तीसरे चरण का मतदान होना है.

तीसरे चरण में 826 राजनीतिक धुरंधर सियासत के अखाड़े में अपने-अपने दांव चल चुके हैं, जिनके भाग्य रविवार को ईवीएम मशीन में कैद हो जाएंगे. आपको बता दें कि इसमें से 250 उम्मीदवार (तकरीबन 31 प्रतिशत) करोड़पति हैं तो 110 कैंडिडेट्स पर आपराधिक मामले दर्ज हैं.

813 प्रत्याशियों की ओर से दाखिल हलफनामे का विश्लेषण

यूपी के सियासी दंगल के दूसरे चरण के लिए अखाड़े में उतरे धुरंधरों की तरफ से दाखिल एफिडेविट का उत्तर प्रदेश इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने विश्लेषण किया. इसमें 6 राष्ट्रीय पार्टियों, 7 राज्य स्तर की पार्टियों, 92 गैर मान्यता प्राप्त दलों सहित कुल 105 राजनीतिक दलों और 225 निर्दलिय कैंडिडेट्स समेत 826 उम्मीदवारों में से 813 प्रत्याशियों की ओर से दाखिल हलफनामे का विश्लेषण किया गया है.

14% कैंडिडेट्स के खिलाफ दर्ज हैं आपराधिक मामले

एडीआर की रिपोर्ट में कहा गया है, ”विश्लेषण किये गए कुल 813 उम्मीदवारों में से 110 प्रत्याशी यानी 14% कैंडिडेट्स ने माना कि उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं.”

रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से 82 उम्मीदवारों (10 प्रतिशत) ने हत्या, हत्या की कोशिश, अपहरण, महिलाओं के खिलाफ अपराध सहित गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं. जबकि 7 कैंडिडेट्स ने खुद पर मर्डर जैसे केस और 11 प्रत्याशियों ने हत्या के प्रयास जैसे मामले घोषित किए हैं.

5 उम्मीदवारों के खिलाफ अपहरण और फिरौती के मामले

रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से 6 उम्मीदवार ऐसे हैं जिनके खिलाफ महिला के खिलाफ मामले जैसे दहेज के लिए हत्या, महिला के साथ शोषण जैसे मामले हैं. तो वहीं 5 उम्मीदवारों ने इस बात की जानकारी दी है कि उनके खिलाफ अपहरण, फिरौती के मामले दर्ज हैं.

225 निर्दलीय उम्मीदवारों में से 13 आपराधिक छवि वाले प्रत्याशी

पार्टी के हिसाब से देखें तो दागी उम्मीदवारों को टिकट देने में कोई भी पार्टी पीछे नहीं है. तीसरे चरण में जहां बीजेपी ने 21, बीएसपी ने 21, एसपी ने 13, कांग्रेस ने 5 और आरएलडी ने 5 दागी उम्मीदवारों को टिकट दिया है. तो वहीं 225 निर्दलिय उम्मीदवारों में से 13 आपराधिक छवि वाले प्रत्याशी हैं.

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